10 मार्च 2014 - 20:30
सऊदी अरब में अभिव्यक्ति की आज़ादी का कोई स्थान नहीं।

आले सऊद ख़ानदान से अलग होने वाले शहज़ादे ख़ालिद अल सऊद नें मिस्र की साइट अल शअब के साथ बातचीत में सऊदी अरब में जारी अत्याचार, विचलन और ग़लत रास्ते पर चलने का पर्दा फ़ाश करते हुए कहा है कि सऊदी अरब में अभिव्यक्ति की आज़ादी और अक़ीदे व विश्वास की आज़ादी का कोई स्थान नहीं है।

आले सऊद ख़ानदान से अलग होने वाले शहज़ादे ख़ालिद अल सऊद नें मिस्र की साइट अल शअब के साथ बातचीत में सऊदी अरब में जारी अत्याचार, विचलन और ग़लत रास्ते पर चलने का पर्दा फ़ाश करते हुए कहा है कि सऊदी अरब  में अभिव्यक्ति की आज़ादी और अक़ीदे व विश्वास की आज़ादी का कोई स्थान नहीं है। सऊदी अरब के इस शहज़ादे नें कहा कि मिस्र और अन्य अरब देशों में आने वाली इन्क़ेलाब की लहर से सऊदी अरब के शासक बहुत परेशान और डरे हुए हैं और इसी लिये उन्होंने अमरीका और इस्राईल के सहयोग से मिस्र, यमन, बहरैन और अन्य अरब देशों में जनता की इस्लामी जागरूकता लहर को बल प्रयोग और पैसे के बल पर दबाने की बहुत कोशिश की लेकिन इस्लाम के मानने वालों नें सऊदी अरब की इस कोशिश को पूरा नहीं होने दिया। ख़ालिद आले सऊद नें कहा कि सऊदी अरब की सरकार अपने अपनी इच्छा और मनमानी करके सख़्त क़ानून बनाकर अपने विरोधियों को कुचलने की प्लानिंग पर काम कर रही है।